अष्टांगप्रणिपातासन | अष्टांग प्रणिपात आसन | Ashtanga Pranipat Asana (The Flat Out) YOGA

अष्टांगप्रणिपातासन

पद्धति:

सांस रोककर दोनों घुटने भूमि पर रखिए सीने से भूमिका स्पष्ट कीजिए दाढ़ी से गले के नीचे के भाग का स्पर्श कीजिए ललाट के ऊपरी हिस्से को भी किस प्रकार भूमि से स्पर्श कराइए की नाक भूमिका स्पर्श ना करें पेट अंदर की ओर कीजिए ध्यान रखें पेट भूमि का स्पर्श ना करें फिर पूरा रेचक कीजिए सीने का भाग दोनों हाथों के बीच आना चाहिए

लाभ

1. यह आसन हाथों को बलिष्ठ बनाता है
2. यदि स्त्रियां गर्भवती होने के पूर्व आसन करें, तो दूध पीते ( स्तन - पान करते ) बच्चे बीमारियों से बचते हैं
3. इस आसन से मेदवृद्धि और वंध्यत्व मिटते हैं
4. इस आसन से शरीर हल्का और प्रसन्न बनता है
5. इस आसन से शरीर के मध्य भाग की हड्डियां मजबूत बनती हैं
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