Gathiya Disease Treatment - गठिया रोग का इलाज hindi me jane

Gout जिसे हम सामान्य भाषा में 'गठिया' या गठिया_वात‬ नाम से भी जानते है, शरीर में Uric_acid की मात्रा सामान्य से अधिक बढ़ जाने के कारण होता हैं। Uric acid यह एक प्रकार का विषैलातत्व है जो की शरीर में Purines‬ से तैयार होता हैं। सामान्तः किड्नी  इस विषैले तत्व को मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकाल देता हैं। किसी कारणवश किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाने के कारण रक्त में Uric acid का प्रमाण बढ़ जाता है और यह विषैला तत्व छोटे-छोटे स्फटिक के रूप में जोड़ो में जमा होकर दर्द, सूजन और जकड़न इत्यादि लक्षण उत्पन्न करता हैं।
 
गठिया रोग का लक्षण:-

1.गठिया रोग में जोड़ो में Uric acid के जमा हो जाने के कारण सूजन, दर्द और जकड़न जैसे लक्षण नजर आते हैं।
2.रोग के अधिक बढ़ जाने पर चलने-फिरने में परेशानी होती हैं।
3.जोड़ो को सिर्फ छूने पर भी अत्यधिक पीड़ा होती हैं।
4.पीड़ित जोड़ की त्वचा लाल रंग की दिखने लगती हैं।
5.कभी-कभी जोड़ो को आकर भी विकृत हो जाता हैं।
6.यह रोग ज्यादातर पैर के अंगूठे में अधिक पाया जाता हैं। इसके अलावा घुटनो, उंगलियो, नितम्बो, घुटनो, मेरुदंड के जोड़ो, कोहनी तथा कलाईयों के जोड़ो में भी इसका असर हो सकता हैं।
7.परुषों में रक्त जांच में Uric acid की मात्रा 7.2 mg/dl से अधिक आने पर Hyperuricemia / Gout का निदान किया जाता हैं।
8.महिलाओ में रक्त जांच में Uric acid की मात्रा 6.1 mg/dl से अधिक आने पर Hyperuricemia / Gout का निदान किया जाता हैं।
9.जोड़ो के पानी की जांच और मूत्र जांच में अधिक मात्रा में Uric acid के पाए जाने पर Gout / गठिया रोग का निदान किया जाता हैं।
 
Gout / गठिया रोग का क्या कारण हैं ?
 
1.Gout / गठिया रोग रक्त में Uric acid की अधिक मात्रा के कारण होता हैं।
2.महिलाओ की तुलना में यह रोग पुरुषों में अधिक पाया जाता हैं।
3.शरीर में Uric acid बढ़ने के कारण जैसे की मोटापा, ज्यादा शराब पीना, अत्यधिक Purine युक्त पदार्थ जैसे की मांसाहार, Aspirin और ज्यादा पेशाब होने के लिए इस्तेमाल की जानेवाली दवा (diuretics) और अनुवांशिकता इत्यादि कारणों से Gout / गठिया रोग हो सकता हैं।
4.महिलाओ में रजोनिवृत्ति के बाद Gout / गठिया रोग होने का खतरा अधिक रहता हैं।
5.किसी बड़ी बिमारी या शल्य क्रिया / Operation के बाद भी Gout / गठिया होने का खतरा रहता हैं।
 
Gout / गठिया रोग का ईलाज कैसे किया जाता हैं ?
Gout / गठिया रोग का ईलाज निम्नलिखित तरीके से किया जाता हैं :
 
1.Gout / गठिया रोग का ईलाज करने के लिए डॉक्टर रोगी की जांच कर दर्द और सुजन कम करने के लिए  स्टेरॉयड और दर्दनाशक दवा देते हैं।
2.इसके साथ रक्त में Uric acid की मात्रा को सामान्य करने के लिए विशेष दवा दी जाती हैं।
3.पीड़ित जोड़ को आराम देने की सलाह दी जाती हैं।
4.अत्यधिक दर्द और सुजन होने पर पीड़ित जोड़ो पर बर्फ / ice लगाने से लाभ होता हैं।
5.पीड़ित व्यक्ति को वजन नियंत्रण, व्यायाम और आहार में परिवर्तन करने की सलाह दी जाती हैं।
6.अत्याधिक पीड़ा और सुजन होने पर Uric acid के crystals / स्फटिक निकालने के लिए शल्य क्रिया / operation किया जा सकता हैं।
 
Gout / गठिया रोग में कैसा आहार लेना चाहिए ?
1.Gout / गठिया रोग में रक्त में Uric acid की मात्रा अधिक बढ़ने (Hyperuricemia) के कारण Uric acid को नियंत्रण करनेवाला आहार लेना चाहिए। इसकी अधिक जानकारी निचे दी गयी हैं :
 
2.अधिक Potassium युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की केला, दही, रतालू, मक्का, बाजरा, दलिया, जव, सूखे आडू इत्यादि।
 
3.अधिक Complex Protein युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की जामुन, अजवाइन, अजमोदा, गोभी इत्यादि।
4.ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमे Purine की मात्रा कम हो जैसे की अंडा, पनीर, चावल, मकई, साबुत गेहू की ब्रेड, सिरका इत्यादि।
 
5.अधिक Bromelain और Vitamin C युक्त आहार लेना चाहिए जैसे की अलसी, अननस, निम्बू, लाल गोभी, जैतून का तेल इत्यादि।
 
6.ज्यादा Purine युक्त आहार नहीं लेना चाहिए जैसे की खमीर, झींगा, सूअर का मांस, प्रसंस्कृत मांस, फूलगोभी, पालक, मटर, मशरूम, शीतपेय, गोश्त इत्यादि।

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