घरेलू उपचार: आँख आना [ Conjunctivitis ] 
आँख आना, जिसे ‘पिंक आई’, ‘कंजंक्टिवाइटिस’ या “ नेत्र शोथ” भी कहा जाता है। आँख की बाहरी पर्त कंजंक्टिवा और पलक की अंदरूनी सतह के संक्रमण को नेत्र शोथ कहते हैं। यह प्रायः एलर्जी‬ या संक्रमण (सामान्यतः वायरस से लेकिन कभी-कभी बैक्टीरिया‬ से होने वाला संक्रमण) द्वारा होता है। कंजंक्टिवाइटिस को बोलचाल की भाषा में ‘आँख आना’ कहा जाता है। इसकी वजह से आँखें लाल, सूजन युक्त, चिपचिपी [कीचड़युक्त] होने के साथ-साथ उसमें तेज चुभन भी होती है।

शहद : नमक को शहद के साथ मिलाकर सुबह शाम आंखोँ मेँ लगाने से आपको आँखों की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

जायफल : जायफल को पीसकर दूध मेँ मिलाकर आंखोँ मेँ लगाने से, आपको आंखोँ से संबंधित सभी बिमारियों से तुरंत राहत मिलता है।

हल्दी : हल्दी को पानी में उबालकर छान लें, फिर इसे आंखों में बार-बार बूंदों की तरह डालने से आंखों का दर्द कम होता है। इससे आंखों में कीचड़ आना और आंखों का लाल होना आदि रोग समाप्त हो जाते हैं। इसके लिए आप कपड़ें को हल्दी से रंग कर जब आँख आये तो इस कपड़े का प्रयोग कर सकते है। उस समय इस कपडे़ से आंखों को साफ करने से फायदा होता है।

मुलहठी : मुलहठी को पानी मेँ भिगो देँ फिर हर दो घंटे के बाद उस पानी मेँ रूई डुबोकर आंखोँ पर रखने से आंखोँ की जलन और दर्द कम होती है।

धनिया : धनिये का काढ़ा तैयार करके अच्छी तरह से छान लें। अब इस काढ़े को बूंद-बूंद करके हर 2-3 घंटों में आंखों में डालें। इससे आंखों को आराम मिलता है। इस काढ़े को आंखों में डालने की शुरुआत करने से पहले आंखों में एक बूंद एरण्ड तेल (कैस्टर आयल) डाल लें। यह आंख आने और आंखों के दर्द की बहुत लाभकारी दवा है।

बेर : बेर की गुठली को पीसकर गर्म पानी से मिलाकर, अच्छी तरह से छान लें, फिर इसे आंखों में डालने से आँख आना और आंखों का दर्द ठीक हो जाता है।

आंवला :
आंवले का रस निकालकर उसे किसी कपडे़ में छान लें। इस रस को बूंद-बूंद करके आंखों में डालने से आंखों का लाल होना और आंखों की जलन जैसी समस्याओं से तुरंत निजात मिलता है।

त्रिफला : त्रिफला का चूर्ण पानी में भिगों दें। फिर उस पानी को अच्छी तरह से छानकर आंखों पर छींटे मारकर आंखों को दिन में 4 से 5 बार धोने से आंखों के रोगों में लाभ होता है।

बबूल : बबूल की पत्तियों को पीसकर टिकिया बना लें और रात के समय आंखों पर बांध लें सुबह उठने पर खोल लें। इससे आंखों का लाल होना और आंखों का दर्द आदि रोग दूर हो जायेंगे।

पीले धतूरे : पीले धतूरे का दूध को गाय के घी के साथ आंखों में लगाने से लाभ होता है। यह दूध हर समय नहीं मिलता इसलिए जब यह दूध मिले तो तब इस दूध को इकट्ठा करके सुखाकर रख लें। इसके बाद जरूरत पड़ने पर इसे गाय के घी में मिलाकर काजल की तरह आंखों में लगाने से आंख आने का रोग दूर होता है।

बेल : आंख आने पर बेल के पत्तों के रस को सुबह-शाम पिए और उसके पत्तों का लेप बनाकर आँखों के ऊपर रखें। इससे आंखों को आराम मिलता है।

सुहागा : आंख आने पर सुहागा और फिटकरी को एक साथ पानी में घोल बना लें और फिर इसी पानी से आंख को धोयें और बीच-बीच में बूंद-बूंद करके आई ड्राप्स की तरह प्रयोग करें। इससे बहुत जल्दी लाभ होता है।

बकरी का दूध : आँख आने या आंखों के लाल होने पर मोथा या नागरमोथा के फल को साफ करके बकरी के दूध में घिसकर आंखों में लगाने से बहुत जल्द आराम होता है।

वेदमुश्क के फूल : वेदमुश्क के फूलों के रस में कपड़ा भिगोकर, आंखों पर रखने से आंख आना जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।

गुलाबजल : आंखों को साफ करके गुलाब जल की बूंदें, आंखों में डालने से आंखों से सम्बंधित सारी समस्यायों से निजात मिलता हैं। यदि आपको आंखों में जलन और किरकिरापन (आंखों में कुछ चुभना) मेहसूस हो रहा है तो गुलाबजल डालने से आंखों में आराम मिलता है।

चमेली : आंख आने पर कदम के रस में चमेली के फूलों को पीसकर आँखों के ऊपर रखने से रोगी को लाभ होता है।

अगस्त के फूल : अगस्त के फूल और पत्तों का रस, नाक में डालने से आंखों की समस्यायों से छुटकारा मिलता है।

बोरिक एसिड पाउडर: बोरिक एसिड पाउडर को पानी में मिलाकर, आंखों को कई बार साफ करने से आंखों के अंदर जमा कीचड़ और धूल मिट्टी साफ हो जाती है।

मिश्री : महात्रिफला और मिश्री को घी में मिलाकर, सुबह-शाम रोगी को देने से गर्मी के कारण उत्पन आंखों में जलन, आंखें ज्यादा लाल हो जाना और रोशनी की ओर देखने से आंखों में जलन होना इत्यादि समस्याएं दूर होती हैं। इसके साथ ही त्रिफला के पानी से आंखों को धोने से भी आराम मिलता है।

फिटकरी : फिटकरी का टुकड़ा पानी में भिगोकर, उसी पानी से रोजाना 3 से 4 बार आँखों को धोने से लाभ मिलता है।

बरगद : बरगद का दूध लेकर यदि उसे पैरों के नाखूनों में लगाये तो आंख आना ठीक हो जाता है।

दूध : मां के दूध की 1-2 बूंदे बच्चे की आंखों में डालने से बच्चों को आंखों के सभी प्रकार के रोगों से लाभ मिलता है।

दूब : हरी दूब या घास के रस में रूई के टुकड़े को भिगोकर आँखों पर रखने से आंख आना जैसे रोग से छुटकारा मिलता है।

हरड़ : हरड़ को रात में पानी में भिगोकर रखें। सुबह उस पानी को कपड़े से छानकर आंखों को धोयें। इससे आंखों का लाल होना दूर होता है।

नीम : नीम के पत्ते और मकोय का रस निकालकर आँखों पर लगाने से आंखों का लाल होना जैसी समस्याएं दूर हो जाती है। नीम के पानी से आंखें धोकर, फिर आंखों में गुलाबजल या फिटकरी के पानी को बूंद बूँद डालें, इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

अडूसा : अड़ूसा के ताजे फूलों को हल्का सा गर्म करके आँखों पर बांधने से आंखों के दर्द होने जैसी समस्या दूर होती है।